सोशल मीडिया पर आजकल एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लोगों की बड़ी भीड़ खेतों के रास्ते पैदल चलते हुए दिखाई दे रही है। इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि दिल्ली में एलपीजी गैस खत्म होने की वजह से प्रवासी मजदूर अपने घर वापस लौट रहे हैं। इस दावे ने लोगों के बीच चिंता और भ्रम दोनों पैदा कर दिए हैं।

लेकिन जब इस वायरल वीडियो की सच्चाई की जांच की गई, तो मामला कुछ और ही निकला। जांच में सामने आया कि इस वीडियो का एलपीजी संकट से कोई लेना-देना नहीं है।
क्या है वायरल दावा और क्यों फैल रहा है भ्रम
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक और अन्य जगहों पर इस वीडियो को तेजी से शेयर किया जा रहा है। कई यूजर्स ने इसे पोस्ट करते हुए लिखा कि गैस सिलेंडर की कमी के कारण लोग दिल्ली छोड़कर अपने गांव लौट रहे हैं।
कुछ पोस्ट में यह भी लिखा गया कि “सिलेंडर नहीं है तो भूखे नहीं मरेंगे, इसलिए लोग वापस जा रहे हैं”। इस तरह के मैसेज लोगों के बीच डर और गलत जानकारी फैला रहे हैं।
हालांकि, इस तरह के दावे बिना किसी ठोस सबूत के वायरल किए जा रहे हैं, जिससे आम लोग भ्रमित हो सकते हैं।
पड़ताल में सामने आई असली सच्चाई
इस वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए इसकी गहराई से जांच की गई। सबसे पहले वीडियो के स्क्रीनशॉट लेकर गूगल रिवर्स इमेज सर्च किया गया। इसके बाद यह वीडियो एक फेसबुक यूजर के अकाउंट पर मिला, जहां इसे 24 मार्च 2026 को शेयर किया गया था।
वीडियो के साथ दी गई जानकारी के अनुसार, यह कोई संकट की स्थिति नहीं बल्कि एक धार्मिक यात्रा का हिस्सा है। यह यात्रा रुदौली से देवीपाटन मेला तक की पदयात्रा थी, जिसमें श्रद्धालु शामिल हुए थे।
आगे जांच में यह भी सामने आया कि यह यात्रा चैत्र नवरात्र के दौरान निकाली गई थी। इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालु अयोध्या से देवीपाटन धाम तक लगभग 200 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करते हैं। रास्ते में वे भजन-कीर्तन करते हुए और जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते हैं।
इस पूरी यात्रा का धार्मिक महत्व है और इसका किसी भी तरह से एलपीजी संकट या प्रवासी मजदूरों से कोई संबंध नहीं है।
निष्कर्ष: गलत दावों से रहें सतर्क
इस जांच के आधार पर यह साफ हो गया है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो पूरी तरह भ्रामक है। इसे गलत संदर्भ में शेयर किया जा रहा है, जिससे लोगों के बीच भ्रम फैल रहा है।
इसलिए जरूरी है कि किसी भी खबर या वीडियो को बिना जांचे-परखे सच न मानें। हमेशा विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करें और फेक न्यूज से दूर रहें।
सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी के साथ जानकारी साझा करना हम सभी की जिम्मेदारी है, ताकि गलत खबरें फैलने से रोकी जा सकें।

