ई-स्कूटर में आग लगने की घटनाएं बढ़ीं: जानिए कारण और कैसे करें बचाव

देश में इन दिनों इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लगने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे लोगों में डर और चिंता का माहौल बन गया है। हाल ही में कई जगहों से ऐसी खबरें सामने आई हैं, जहां चार्जिंग के दौरान ई-स्कूटर में अचानक आग लग गई या बैटरी फट गई। मध्य प्रदेश के छतरपुर और शहडोल जैसे इलाकों में ऐसे हादसे हुए, वहीं इंदौर में एक दर्दनाक घटना में कई लोगों की जान भी चली गई। इन घटनाओं ने इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, इन हादसों के पीछे सबसे बड़ी वजह बैटरी से जुड़ी तकनीकी समस्याएं और लापरवाही है। इलेक्ट्रिक स्कूटर में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरी अगर ज्यादा गर्म हो जाए, तो उसमें “थर्मल रनवे” की स्थिति बन जाती है। इस स्थिति में बैटरी का तापमान तेजी से बढ़ता है और वह आग पकड़ सकती है या ब्लास्ट हो सकता है। कई बार सस्ती कंपनियां लागत कम करने के लिए घटिया क्वालिटी के बैटरी सेल का इस्तेमाल करती हैं, जो भारतीय मौसम के हिसाब से सुरक्षित नहीं होते।

ई-स्कूटर में आग लगने के मुख्य कारण क्या हैं?

ई-स्कूटर में आग लगने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। सबसे बड़ा कारण होता है बैटरी का ओवरहीट होना। जब बैटरी के अंदर एक सेल ज्यादा गर्म हो जाता है, तो वह आसपास के सेल्स को भी गर्म कर देता है और पूरी बैटरी में आग लग सकती है। इसके अलावा बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) का खराब होना भी एक बड़ा कारण है। यह सिस्टम बैटरी के तापमान और चार्जिंग को नियंत्रित करता है, लेकिन इसके फेल होने पर ओवरचार्जिंग और शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है।

दूसरा बड़ा कारण है गलत तरीके से चार्जिंग करना। कई लोग सस्ते या लोकल चार्जर का इस्तेमाल करते हैं, जो बैटरी के लिए सुरक्षित नहीं होते। इसके अलावा गर्म जगह पर या सीधी धूप में चार्जिंग करने से भी बैटरी जल्दी गर्म हो जाती है और खतरा बढ़ जाता है। कुछ लोग लंबी दूरी तय करने के तुरंत बाद स्कूटर को चार्ज में लगा देते हैं, जिससे बैटरी को ठंडा होने का समय नहीं मिलता और वह ओवरहीट हो सकती है।

ब्लास्ट से बचने के लिए अपनाएं ये जरूरी सावधानियां

अगर आप इलेक्ट्रिक स्कूटर का इस्तेमाल करते हैं, तो कुछ आसान सावधानियां अपनाकर इस खतरे से बच सकते हैं। सबसे पहले, हमेशा स्कूटर को ठंडी और हवादार जगह पर ही चार्ज करें। कभी भी इसे धूप या ज्यादा गर्म जगह पर चार्ज न करें। इसके अलावा, सफर से लौटने के तुरंत बाद बैटरी को चार्ज में न लगाएं, बल्कि कम से कम 30 से 45 मिनट तक उसे ठंडा होने दें।

हमेशा कंपनी द्वारा दिए गए ओरिजिनल चार्जर का ही इस्तेमाल करें और किसी दूसरे चार्जर का उपयोग करने से बचें। समय-समय पर बैटरी और स्कूटर की सर्विस जरूर कराएं, ताकि कोई भी खराबी पहले ही पकड़ में आ जाए। अगर चार्जिंग के दौरान बैटरी से अजीब गंध आए या वह असामान्य रूप से गर्म हो, तो तुरंत चार्जिंग बंद कर दें और किसी विशेषज्ञ से जांच कराएं।

अगर कभी स्कूटर में आग लग जाए, तो उस पर सीधे पानी डालने से बचें, क्योंकि लिथियम बैटरी की आग पानी से और खतरनाक हो सकती है। ऐसी स्थिति में ड्राई पाउडर अग्निशामक का इस्तेमाल करना ज्यादा सुरक्षित होता है। साथ ही, कोशिश करें कि बैटरी को खुली जगह में ले जाया जाए और बिजली का कनेक्शन तुरंत बंद कर दिया जाए।

अंत में यही कहा जा सकता है कि इलेक्ट्रिक वाहन भविष्य का हिस्सा हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है। सही जानकारी और सावधानी के साथ हम इन खतरों से बच सकते हैं और सुरक्षित तरीके से नई तकनीक का लाभ उठा सकते हैं।

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