70 म्यूटेशन वाला नया कोरोना वैरिएंट कितना खतरनाक है? जानिए किसे सबसे ज्यादा खतरा
कोरोनावायरस एक बार फिर चर्चा में है और इस बार कारण है नया कोरोना वैरिएंट, जिसमें 70 से ज्यादा कोरोना म्यूटेशन देखे गए हैं। कुछ महीनों से शांत पड़ा यह वायरस अब फिर से लोगों की चिंता बढ़ा रहा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इतने अधिक म्यूटेशन किसी भी वायरस को पहले से ज्यादा खतरनाक और तेजी से फैलने वाला बना सकते हैं। यही वजह है कि दुनियाभर की स्वास्थ्य एजेंसियां इस नए वैरिएंट पर नजर बनाए हुए हैं।
नया कोरोना वैरिएंट कितना खतरनाक है?
विशेषज्ञों के अनुसार वायरस में बदलाव होना सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन जब किसी वायरस में बहुत ज्यादा कोरोना म्यूटेशन हो जाते हैं, तो उसका व्यवहार बदल सकता है। इस नए वैरिएंट में 70 से अधिक म्यूटेशन पाए गए हैं, जो इसे इम्युनिटी से बचने में मदद कर सकते हैं।
शुरुआती रिपोर्ट्स से यह सामने आया है कि यह नया कोरोना वैरिएंट पहले के मुकाबले तेजी से फैल सकता है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि यह वैरिएंट ज्यादा गंभीर बीमारी पैदा करता है या नहीं, लेकिन इसके फैलने की क्षमता को लेकर चिंता जरूर जताई जा रही है।

दुनिया के कई देशों में इसके मामले सामने आ चुके हैं और रिपोर्ट्स के अनुसार यह 20 से अधिक देशों में फैल चुका है। अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों में भी इसके संकेत मिले हैं। हालांकि टेस्टिंग कम होने के कारण इसके वास्तविक आंकड़े इससे ज्यादा भी हो सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि वायरस के इस तरह बदलते रहने से यह समझना मुश्किल हो जाता है कि आने वाले समय में यह किस दिशा में जाएगा। इसलिए अभी सावधानी बरतना ही सबसे अच्छा तरीका है।
किसे इस नए वैरिएंट से ज्यादा खतरा है?
वैज्ञानिकों का मानना है कि नया कोरोना वैरिएंट सभी आयु वर्ग के लोगों को प्रभावित कर सकता है, लेकिन कुछ लोगों के लिए इसका खतरा ज्यादा हो सकता है।
सबसे ज्यादा खतरा उन लोगों को है जिनकी इम्युनिटी कमजोर है, जैसे बुजुर्ग, छोटे बच्चे और पहले से बीमार लोग। खास बात यह है कि इस बार यह वैरिएंट बच्चों को भी प्रभावित करता दिख रहा है, जो पहले के पैटर्न से थोड़ा अलग है।
इसके अलावा, जिन लोगों को वैक्सीन लगे काफी समय हो चुका है, उनकी इम्युनिटी भी कम हो सकती है। ऐसे में वे भी इस कोरोना म्यूटेशन से प्रभावित हो सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ समय में वैक्सीनेशन की रफ्तार धीमी पड़ गई थी, जिससे कई लोग पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। यही कारण है कि संक्रमण का खतरा फिर से बढ़ सकता है।
हालांकि राहत की बात यह है कि अभी तक इस वैरिएंट से गंभीर बीमारी के ज्यादा मामले सामने नहीं आए हैं, लेकिन इसे नजरअंदाज करना सही नहीं होगा।
क्या वैक्सीन अभी भी असरदार है?
यह सवाल सबसे ज्यादा लोगों के मन में है कि क्या मौजूदा वैक्सीन इस नए कोरोना वैरिएंट के खिलाफ काम करेगी या नहीं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैक्सीन अभी भी कुछ हद तक सुरक्षा प्रदान कर सकती है। हालांकि, कोरोना म्यूटेशन की वजह से वायरस में बदलाव आता रहता है, जिससे वैक्सीन की प्रभावशीलता थोड़ी कम हो सकती है।

कुछ वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल नई वैक्सीन की जरूरत नहीं है और पुरानी वैक्सीन ही इस वैरिएंट से बचाव में मदद कर सकती है। लेकिन भविष्य में स्थिति के अनुसार बदलाव करना पड़ सकता है।
विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि अगर किसी को बूस्टर डोज लेने का मौका मिले, तो उसे जरूर लेना चाहिए। इसके अलावा मास्क पहनना, भीड़भाड़ से बचना और साफ-सफाई का ध्यान रखना अभी भी जरूरी है।
अंत में यही कहा जा सकता है कि नया कोरोना वैरिएंट भले ही अभी बहुत ज्यादा खतरनाक साबित नहीं हुआ है, लेकिन इसके तेजी से फैलने की संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। समय रहते सावधानी बरतना ही सबसे अच्छा उपाय है, ताकि हम खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकें।



