Fact Check: क्या तेल अवीव में हुई तबाही का वीडियो सच है? जानिए वायरल दावे की सच्चाई

सोशल मीडिया पर आजकल एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कई इमारतें टूटी हुई और शहर पूरी तरह से तबाह नजर आ रहा है। इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि यह हाल ही में इस्राइल के तेल अवीव में हुई तबाही की तस्वीरें हैं। लोग इस वीडियो को देखकर हैरान हैं और इसे सच मानकर आगे शेयर भी कर रहे हैं।

लेकिन जब इस दावे की गहराई से जांच की गई, तो सच्चाई कुछ और ही निकली। यह वीडियो न तो हाल का है और न ही इसका तेल अवीव से कोई संबंध है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि आखिर यह वीडियो कहां का है और इसे गलत तरीके से क्यों फैलाया जा रहा है।

पड़ताल में क्या सामने आया? वीडियो की सच्चाई जानिए

इस वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले इसके कुछ हिस्सों (कीफ्रेम्स) को लेकर गूगल रिवर्स इमेज सर्च किया गया। इस जांच में यह वीडियो एक यूट्यूब चैनल पर पहले से मौजूद मिला, जिसे 6 जुलाई 2023 को अपलोड किया गया था।

वीडियो के साथ दी गई जानकारी के अनुसार, यह फुटेज यूक्रेन के बखमुत शहर का है। यह वही शहर है जो रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध का बड़ा केंद्र रहा है। इस वीडियो में दिखाई दे रही तबाही दरअसल उसी युद्ध का परिणाम है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, बखमुत शहर कभी एक सामान्य और आबादी वाला क्षेत्र था, जहां करीब 72,000 लोग रहते थे। लेकिन लंबे समय तक चली भीषण लड़ाई और लगातार हमलों के कारण यह शहर पूरी तरह से बर्बाद हो गया। आज यह एक ‘घोस्ट टाउन’ यानी वीरान शहर में बदल चुका है।

इसके अलावा, कीवर्ड सर्च करने पर कई मीडिया रिपोर्ट्स भी सामने आईं, जिनमें इसी वीडियो का जिक्र किया गया था। इन रिपोर्ट्स में साफ बताया गया कि यह फुटेज यूक्रेन के बखमुत शहर की है, न कि इस्राइल के तेल अवीव की।

भ्रामक दावों से सावधान रहें, सच जानकर ही करें शेयर

इस पूरे मामले से यह साफ हो जाता है कि सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा दावा पूरी तरह से गलत और भ्रामक है। पुराने वीडियो को नए घटनाक्रम से जोड़कर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है।

आज के डिजिटल दौर में इस तरह की फेक न्यूज बहुत तेजी से फैलती है और लोग बिना जांच किए उसे सच मान लेते हैं। इसलिए जरूरी है कि किसी भी वायरल वीडियो या खबर पर भरोसा करने से पहले उसकी सच्चाई जरूर जांच लें।

फैक्ट चेक के जरिए यह साबित हो चुका है कि यह वीडियो यूक्रेन का है और इसे तेल अवीव से जोड़कर गलत जानकारी फैलाई जा रही है। ऐसे में हमें जिम्मेदारी के साथ सोशल मीडिया का इस्तेमाल करना चाहिए और केवल सही और प्रमाणित जानकारी ही साझा करनी चाहिए।

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