जयपुर से एक दुखद खबर सामने आई है, जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पूर्व प्रदेश मंत्री और प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सरोज प्रजापत का आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है और उन्हें श्रद्धांजलि दी है।

जानकारी के अनुसार, सरोज प्रजापत पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही थीं। वे अपने घुटनों के इलाज के लिए जयपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती हुई थीं। डॉक्टरों ने उनकी सर्जरी की, जो शुरुआत में सफल बताई जा रही थी, लेकिन ऑपरेशन के बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।
इलाज के दौरान बिगड़ी हालत, कई जटिलताएं आई सामने
सर्जरी के बाद उनकी सेहत में अचानक गिरावट देखी गई। बताया जा रहा है कि उनका शुगर लेवल काफी बढ़ गया था, जिससे उनकी स्थिति और गंभीर हो गई। हालत बिगड़ने के बाद उन्हें तुरंत दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किया गया, जहां डॉक्टरों की टीम लगातार उनका इलाज कर रही थी।
पिछले तीन दिनों से वे वेंटिलेटर पर थीं और उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी। इलाज के दौरान उनकी दोनों किडनी ने काम करना बंद कर दिया, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई। आखिरकार, हार्ट फेलियर के कारण उनका निधन हो गया।
इस घटना ने न सिर्फ उनके परिवार को बल्कि पूरे राजनीतिक समाज को गहरा झटका दिया है। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उनकी स्थिति लगातार बिगड़ती गई और अंत में उन्हें बचाया नहीं जा सका।
राजनीतिक सफर और नेताओं की श्रद्धांजलि
सरोज प्रजापत का संबंध मूल रूप से राजस्थान के डीडवाना क्षेत्र से था, लेकिन वे लंबे समय से नागौर में अपने परिवार के साथ रह रही थीं। उनके पति राजेंद्र कुमार सरकारी अकाउंटेंट पद से सेवानिवृत्त हैं। उनके परिवार में दो बेटे और दो बेटियां हैं, जो अब इस दुख की घड़ी में शोक में डूबे हुए हैं।
राजनीतिक जीवन की बात करें तो सरोज प्रजापत एक सक्रिय और समर्पित कार्यकर्ता रही हैं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में लंबे समय तक काम किया और संगठन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 2019 में उन्होंने भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर नागौर लोकसभा सीट से निर्दलीय चुनाव भी लड़ा था, जो उनके संघर्षशील स्वभाव को दर्शाता है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने उनके निधन को पार्टी के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि सरोज प्रजापत एक कर्मठ और निष्ठावान नेता थीं, जिन्होंने हमेशा संगठन के हित में काम किया। उनके जाने से पार्टी को गहरा नुकसान हुआ है।
इसके अलावा भाजपा के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। सभी ने उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके परिवार को इस कठिन समय में हिम्मत देने की बात कही।
नागौर, डीडवाना और आसपास के क्षेत्रों में भी उनके निधन की खबर से शोक का माहौल है। पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उन्हें एक सशक्त और समर्पित नेता के रूप में याद कर रहे हैं।
सरोज प्रजापत का निधन न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे राजनीतिक और सामाजिक जीवन के लिए एक बड़ी क्षति है। उनकी सेवाओं और योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।



