कुल्लू में एक साथ 47 शिक्षकों की सेवानिवृत्ति: छात्रों की पढ़ाई पर मंडराया संकट

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां 31 मार्च को एक साथ 47 शिक्षक सेवानिवृत्त हो गए हैं। इस घटना के बाद जिले के कई सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी और भी ज्यादा बढ़ गई है। इसका सीधा असर आने वाले शैक्षणिक सत्र 2026-27 में छात्रों की पढ़ाई पर पड़ सकता है, जिसे लेकर अभिभावकों की चिंता लगातार बढ़ रही है।

जिले के सातों शिक्षा खंडों के प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में पहले से ही कई पद खाली चल रहे थे। अब 47 शिक्षकों के एक साथ रिटायर होने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। जानकारी के अनुसार, सेवानिवृत्त होने वालों में 35 जेबीटी (JBT), 7 सीएंडवी (C&V) और 5 टीजीटी (TGT) शिक्षक शामिल हैं। इससे हजारों छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होने का खतरा बन गया है।

पहले से खाली थे सैकड़ों पद, अब और बढ़ी समस्या

कुल्लू जिले में शिक्षकों की कमी कोई नई समस्या नहीं है। 31 मार्च से पहले ही मुख्याध्यापक और जेबीटी के लगभग 365 पद खाली थे। हालांकि इनमें से 25 मुख्याध्यापकों के पद भरे गए, लेकिन बाकी पद अभी भी खाली हैं।

अब जब एक साथ 47 शिक्षक सेवानिवृत्त हो गए हैं, तो खाली पदों की संख्या फिर से 350 के पार पहुंच गई है। इससे स्कूलों में पढ़ाई का स्तर गिरने और छात्रों के भविष्य पर असर पड़ने की संभावना बढ़ गई है।

ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में यह समस्या और भी गंभीर है, जहां पहले से ही शिक्षकों की संख्या कम है। कई स्कूलों में एक ही शिक्षक को कई कक्षाओं को संभालना पड़ रहा है, जिससे पढ़ाई की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।

अभिभावकों ने जताई चिंता, सरकार से की मांग

इस स्थिति को लेकर छात्रों के अभिभावकों में काफी चिंता देखने को मिल रही है। अभिभावकों का कहना है कि सरकारी स्कूलों में पहले ही शिक्षकों की कमी है, और अब इतनी बड़ी संख्या में शिक्षकों के सेवानिवृत्त होने से बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ेगा।

अभिभावक सोमदेव, आकाश, बुधराम, रोहित, रोनी, अनिता, मोनिका और अदिति ने सरकार और शिक्षा विभाग से जल्द से जल्द इन खाली पदों को भरने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते नए शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई, तो आने वाले सत्र में छात्रों को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है।

इस मामले में प्रारंभिक शिक्षा विभाग के उपनिदेशक डॉ. सुनील दत्त ठाकुर ने बताया कि जिले के सभी शिक्षा खंडों में खाली पदों का पूरा विवरण शिक्षा निदेशालय को भेज दिया गया है। अब उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इन पदों को भरने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

कुल मिलाकर, कुल्लू जिले में शिक्षकों की कमी एक गंभीर समस्या बनती जा रही है, जिसका असर सीधे छात्रों की शिक्षा पर पड़ रहा है। अगर इस दिशा में जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो आने वाले समय में स्थिति और भी खराब हो सकती है।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *