Prayagraj में 12वीं के बाद डिग्री के साथ 48 स्किल कोर्स, छात्रों के लिए सुनहरा अवसर
आज के समय में केवल डिग्री हासिल करना ही सफलता की गारंटी नहीं रह गया है। बदलते दौर में कंपनियां ऐसे उम्मीदवारों को ज्यादा महत्व देती हैं, जिनके पास पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल भी हो। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए प्रयागराज के सीएमपी डिग्री कॉलेज ने एक नई पहल शुरू की है, जिसमें छात्रों को डिग्री के साथ स्किल कोर्स सीखने का मौका दिया जा रहा है।
यह पहल उन छात्रों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है, जो 12वीं के बाद अपने करियर को लेकर चिंतित रहते हैं। अब वे सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि पढ़ाई के साथ-साथ नए कौशल भी सीख सकेंगे। यह कदम “skill development courses after 12th” की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
कॉलेज द्वारा शुरू किए गए इस कार्यक्रम में बीए, बीकॉम, बीएससी और बीसीए जैसे कोर्स के साथ कुल 48 स्किल डेवलपमेंट कोर्स जोड़े गए हैं। इसका मतलब है कि छात्र एक ही समय में अपनी डिग्री पूरी करने के साथ-साथ कई नई स्किल्स भी सीख सकते हैं। यह मॉडल “degree with skill courses” की अवधारणा को मजबूत करता है, जो आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत बन चुकी है।
हर सेमेस्टर नया स्किल सीखने का अवसर
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि छात्रों को हर सेमेस्टर में एक नया स्किल कोर्स चुनने का मौका मिलेगा। यानी कि तीन साल की डिग्री के दौरान छात्र कई अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी दक्षता बढ़ा सकते हैं।

कॉलेज की पीआरओ सरोज के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक रूप से भी सक्षम बनाना है। इससे छात्र भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकेंगे और उन्हें नौकरी पाने में भी आसानी होगी।
इन स्किल कोर्स में कई दिलचस्प और उपयोगी विषय शामिल हैं, जैसे वॉटर क्वालिटी मैनेजमेंट, वेबसाइट डेवलपमेंट (बेसिक से लेकर डिप्लॉयमेंट तक), वेदिक नॉलेज, सामान्य हिंदी, साहित्यिक पत्रकारिता, भारतीय संगीत और मशरूम कल्टिवेशन। ये कोर्स छात्रों को न सिर्फ ज्ञान देते हैं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी प्रेरित करते हैं।
आज के समय में “skill development courses after 12th” की मांग तेजी से बढ़ रही है, क्योंकि छात्र अब पारंपरिक पढ़ाई के साथ-साथ कुछ अलग और उपयोगी सीखना चाहते हैं। इस पहल से छात्रों को अपने करियर के लिए बेहतर विकल्प मिलेंगे।
रोजगार और भविष्य के लिए बड़ा कदम
इस नई शिक्षा व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह छात्रों को रोजगार के लिए तैयार करती है। अब छात्रों को केवल डिग्री के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि वे अपनी स्किल्स के आधार पर भी नौकरी या खुद का काम शुरू कर सकते हैं।
कॉलेज में कानून के क्षेत्र में रुचि रखने वाले छात्रों के लिए पांच वर्षीय बीएएलएलबी कोर्स भी उपलब्ध है। इससे छात्र शुरुआत से ही अपने करियर की दिशा तय कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में वही छात्र सफल होंगे, जिनके पास पढ़ाई के साथ-साथ स्किल्स भी होंगी। यही कारण है कि “degree with skill courses” जैसे मॉडल को भविष्य की शिक्षा प्रणाली का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
इस पहल से छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे नई-नई चीजें सीखने के लिए प्रेरित होंगे। साथ ही, यह उन्हें स्वरोजगार के अवसर भी प्रदान करेगा, जिससे वे खुद का व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।
अंत में, यह कहा जा सकता है कि प्रयागराज का यह कदम शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव है। इससे छात्रों को बेहतर भविष्य बनाने में मदद मिलेगी और वे प्रतिस्पर्धा के इस दौर में आगे बढ़ सकेंगे।




