Deloitte Hiring In India: 50,000 नौकरियों का मौका, Oracle Layoff के बीच आई राहत की खबर
आईटी सेक्टर में इन दिनों एक अजीब सा माहौल बना हुआ है। एक तरफ जहां बड़ी कंपनियां छंटनी कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ कंपनियां नए मौके भी दे रही हैं। हाल ही में ओरेकल द्वारा हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की खबर ने लोगों को चिंता में डाल दिया था। लेकिन अब डेलॉयट के एक बड़े ऐलान ने इस माहौल में थोड़ी राहत जरूर दी है।
आईटी सेक्टर में छंटनी और भर्ती का नया ट्रेंड
कुछ समय पहले ओरेकल ने बड़े स्तर पर कर्मचारियों की छंटनी की थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी ने दुनियाभर में करीब 30,000 लोगों को नौकरी से निकाला, जिनमें लगभग 12,000 कर्मचारी भारत के थे। इस खबर ने खासकर भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स के बीच डर और असुरक्षा का माहौल बना दिया।
लेकिन इसी बीच डेलॉयट ने एक सकारात्मक कदम उठाया है। कंपनी ने भारत में करीब 50,000 लोगों को नौकरी देने की योजना बनाई है। यह खबर उन लोगों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है, जो आईटी सेक्टर में अपने भविष्य को लेकर चिंतित थे।
डेलॉयट का कहना है कि वह आने वाले समय में ऐसे लोगों को ज्यादा मौका देगा, जिनके पास नई तकनीकों, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की समझ है।
AI बदल रहा है नौकरियों का तरीका
आज के समय में AI तेजी से हर क्षेत्र में अपनी जगह बना रहा है। यही वजह है कि कंपनियां अब अपने काम करने के तरीके में बदलाव ला रही हैं। जहां पहले कई काम इंसान करते थे, अब वही काम AI की मदद से तेजी और आसानी से किए जा रहे हैं।
डेलॉयट का मानना है कि AI नौकरियां खत्म नहीं कर रहा, बल्कि काम करने का तरीका बदल रहा है। कंपनी का फोकस कर्मचारियों को निकालने के बजाय उन्हें नई स्किल्स सिखाने पर है।
यानी आने वाले समय में वही लोग सफल होंगे, जो नई तकनीक के साथ खुद को अपडेट करेंगे। आसान और दोहराए जाने वाले काम AI करेगा, जबकि जटिल और निर्णय लेने वाले काम इंसान करेंगे। इस तरह इंसान और मशीन मिलकर बेहतर काम कर पाएंगे।
भारत में बढ़ेगा रोजगार और स्किल डेवलपमेंट
डेलॉयट के लिए भारत एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण बाजार है। कंपनी के कुल कर्मचारियों का एक बड़ा हिस्सा भारत में काम करता है। यही कारण है कि कंपनी यहां निवेश बढ़ाने और नए लोगों को नौकरी देने पर जोर दे रही है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, डेलॉयट अपने कर्मचारियों को AI की ट्रेनिंग भी दे रहा है। कंपनी अब तक हजारों कर्मचारियों को नई तकनीकों में प्रशिक्षित कर चुकी है और आगे भी इस पर काम जारी है।
इसके अलावा, कंपनी अपने राजस्व का एक हिस्सा स्किल डेवलपमेंट और इनोवेशन पर खर्च कर रही है, ताकि भविष्य की जरूरतों के अनुसार खुद को तैयार कर सके।
कुल मिलाकर, जहां एक तरफ आईटी सेक्टर में छंटनी की खबरें लोगों को परेशान कर रही हैं, वहीं डेलॉयट का यह कदम एक नई उम्मीद लेकर आया है। यह साफ है कि आने वाला समय उन्हीं का होगा, जो नई तकनीक के साथ खुद को ढालेंगे और लगातार सीखते रहेंगे।


