क्या पर्यावरण खतरे में है? कॉलेज में हुई चर्चा ने खोले कई बड़े राज

अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण दिवस पर मातनहेल कॉलेज में हुआ व्याख्यान आयोजन, जानिए पूरी खबर

साल्हावास के राजकीय महाविद्यालय मातनहेल में अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक विशेष व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन भूगोल विभाग की ओर से किया गया, जिसमें छात्रों और शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य छात्रों को पर्यावरण के महत्व के बारे में जागरूक करना और उन्हें वर्तमान समय की पर्यावरणीय चुनौतियों से परिचित कराना था। कार्यक्रम के दौरान छात्रों को बताया गया कि आज के समय में पर्यावरण संरक्षण कितना जरूरी हो गया है और यदि हम अभी से ध्यान नहीं देंगे, तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

विशेषज्ञों ने रखे अपने विचार

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में सहायक प्राध्यापक नवीन कुमार पूनिया ने अपने विचार साझा किए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण दिवस के इतिहास के बारे में जानकारी दी और बताया कि यह दिवस क्यों मनाया जाता है।

इसके साथ ही उन्होंने वर्तमान समय में जीवाश्म ईंधन के बढ़ते उपयोग पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कोयला, पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन हमारे पर्यावरण को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं। अगर इनका उपयोग कम नहीं किया गया, तो आने वाले समय में पर्यावरण पर इसका बुरा असर पड़ेगा।

कार्यक्रम में कार्यकारी प्राचार्य डॉ. सुमन भट्टी ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने सतत पोषणीय विकास (Sustainable Development) की अवधारणा को समझाते हुए कहा कि हमें प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग बहुत ही सोच-समझकर करना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि अनवीकरणीय संसाधनों का अधिक उपयोग भविष्य के लिए खतरा बन सकता है।

पर्यावरण संरक्षण की जरूरत और जिम्मेदारी

इस पूरे कार्यक्रम का मुख्य संदेश यही था कि पर्यावरण की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है। छात्रों को समझाया गया कि छोटे-छोटे कदम भी बड़ा बदलाव ला सकते हैं, जैसे पेड़ लगाना, पानी की बचत करना और प्रदूषण को कम करना।

आज के समय में जिस तरह से जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण बढ़ रहा है, उसे देखते हुए यह जरूरी हो गया है कि हर व्यक्ति जागरूक बने और पर्यावरण की सुरक्षा में अपना योगदान दे।

कार्यक्रम के अंत में सभी छात्रों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संदेश दिया गया। यह आयोजन न केवल जानकारी देने वाला था, बल्कि सभी के लिए एक प्रेरणा भी बना।

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