Fact Check: वायरल वीडियो में गोलगप्पे में गंदा पानी डालने का दावा निकला फर्जी, एआई से बनाया गया वीडियो
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक चौंकाने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक शख्स को नाले से गंदा पानी लेते हुए और उसे गोलगप्पे में इस्तेमाल करते हुए दिखाया गया है। इस वीडियो को देखकर लोग काफी हैरान और परेशान हो गए हैं। कई यूजर्स इसे असली घटना बताकर शेयर कर रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि अब स्ट्रीट फूड खाना भी खतरनाक हो गया है।

कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी लिखा गया कि लोग पैसे कमाने के लिए दूसरों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। इस तरह के दावों ने लोगों के बीच डर और गुस्सा दोनों पैदा कर दिया।
पड़ताल में क्या सामने आया?
जब इस वायरल वीडियो की जांच की गई, तो सच्चाई कुछ और ही निकली। सबसे पहले इस खबर को लेकर इंटरनेट पर सर्च किया गया, लेकिन किसी भी विश्वसनीय न्यूज प्लेटफॉर्म पर इस तरह की घटना की पुष्टि नहीं मिली।
इसके बाद वीडियो को ध्यान से देखा गया। जांच के दौरान पाया गया कि वीडियो की क्वालिटी असामान्य रूप से ज्यादा साफ थी और उसमें दिख रहे व्यक्ति के हाथ थोड़े बनावटी लग रहे थे। इससे शक हुआ कि वीडियो असली नहीं है।
फिर इस वीडियो को एआई डिटेक्शन टूल की मदद से जांचा गया। रिपोर्ट में सामने आया कि यह वीडियो लगभग 70% से ज्यादा एआई तकनीक का उपयोग करके बनाया गया है। यानी यह वीडियो पूरी तरह असली नहीं है, बल्कि एडिटेड और डिजिटल रूप से तैयार किया गया है।
सच क्या है और हमें क्या करना चाहिए?
जांच में यह साफ हो गया कि गोलगप्पे में नाले के पानी का इस्तेमाल करने वाला यह वीडियो फर्जी है और इसे एआई तकनीक से बनाया गया है। इस तरह के वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों को भ्रमित करने और डर फैलाने के लिए शेयर किए जाते हैं।
ऐसे मामलों में हमें बिना जांच किए किसी भी वीडियो या खबर पर विश्वास नहीं करना चाहिए। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली हर चीज सच नहीं होती।
अगर आपको कोई भी ऐसा वीडियो या खबर दिखे जो अजीब या चौंकाने वाला लगे, तो उसे शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई जरूर जांच लें।
निष्कर्ष
यह वायरल वीडियो पूरी तरह फर्जी निकला है और इसका असलियत से कोई संबंध नहीं है। एआई तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के कारण इस तरह के वीडियो बनाना अब आसान हो गया है, इसलिए हमें और भी सतर्क रहने की जरूरत है।
सही जानकारी ही हमें सुरक्षित रख सकती है, इसलिए हमेशा विश्वसनीय स्रोतों पर ही भरोसा करें और फर्जी खबरों से दूर रहें।



