शामली जिले के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। नगर पालिका को “पर्यावरण मुक्त हरित शामली” योजना के तहत लगभग 5 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इस बजट का मुख्य उद्देश्य शहर को साफ-सुथरा बनाना, हरियाली बढ़ाना और पर्यावरण को बेहतर करना है।

इस योजना के तहत शहर में कई महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे। जैसे कि सड़कों की सफाई व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा, अधिक पेड़-पौधे लगाए जाएंगे, धूल को नियंत्रित करने के उपाय किए जाएंगे और जल संचयन की व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा। इसके अलावा जो विकास कार्य अभी अधूरे हैं, उन्हें भी इस बजट की मदद से जल्द पूरा करने की योजना बनाई गई है।
जिला प्रशासन का मानना है कि इस योजना से शहर के लोगों को साफ वातावरण मिलेगा और जीवन स्तर में सुधार आएगा। आने वाले समय में शामली को एक स्वच्छ और हरित शहर बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन देर रात तक चला काम, अधिकारियों की रही व्यस्तता
वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन मंगलवार को जिले के कई सरकारी दफ्तरों में देर रात तक काम चलता रहा। कोषागार, बैंक, कलक्ट्रेट और मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय सहित कई विभागों के कैश काउंटर खुले रहे।
अधिकारियों और कर्मचारियों ने शासन से जारी धनराशि को सही समय पर उपयोग करने और सभी जरूरी प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए लगातार काम किया। इस दौरान बजट से जुड़े कई प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया गया और जरूरी फाइलों को मंजूरी दी गई।
मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार तिवारी ने बताया कि त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत करीब 22 करोड़ रुपये के प्रस्ताव भेजे गए थे, जिनमें से लगभग 5 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल गई है। इस राशि से सीसी रोड, नालियों और अन्य जरूरी विकास कार्य जल्द शुरू किए जाएंगे।
इसके अलावा जिला पंचायत को मिले 13.79 करोड़ रुपये में से 6.44 करोड़ रुपये विभिन्न निर्माण कार्यों जैसे सड़क, नाला और खड़ंजा बनाने में खर्च किए जा चुके हैं। बाकी राशि को आने वाले कार्यों में इस्तेमाल किया जाएगा।
कुछ योजनाओं को नहीं मिली मंजूरी, कई परियोजनाएं अभी भी अधूरी
जहां एक ओर कई विकास योजनाओं को मंजूरी मिली है, वहीं कुछ महत्वपूर्ण परियोजनाएं अभी भी अधूरी रह गई हैं। लोक निर्माण विभाग द्वारा पूर्वी यमुना नहर की पटरी चौड़ीकरण के लिए प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन उसे स्वीकृति नहीं मिल सकी। इसके कारण यह कार्य फिलहाल रुका हुआ है।
विभाग के अधिशासी अभियंता राजकुमार सिंह के अनुसार, उनके पास लगभग 100 करोड़ रुपये का बजट था, जिसमें से 95 करोड़ रुपये के कार्य पूरे कर लिए गए हैं। शेष बची हुई राशि को अब शासन को वापस करना पड़ेगा।
इसके अलावा मेरठ-करनाल हाईवे पर मुंडेट खुर्द के पास प्रस्तावित ओवरब्रिज के लिए भी एक करोड़ रुपये का बजट उपयोग नहीं हो पाया, जिससे वह राशि भी वापस जाएगी। वहीं बुढ़ाना फाटक पर ओवरब्रिज निर्माण के लिए 70 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन बजट स्वीकृत न होने के कारण यह परियोजना इस साल भी पूरी नहीं हो सकी।
डूडा विभाग को मलिन बस्तियों में सड़क निर्माण के लिए लगभग एक करोड़ रुपये का बजट मिला है, जिससे वहां के लोगों को बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, शामली जिले में विकास कार्यों को गति देने के लिए कई योजनाएं शुरू की जा रही हैं। हालांकि कुछ परियोजनाएं अभी रुकी हुई हैं, लेकिन आने वाले समय में उनके भी पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है।


