बागपत हत्याकांड में बड़ा फैसला: सॉफ्टवेयर इंजीनियर अनुज नैन केस में आरोपी की जमानत याचिका खारिज

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में हुए चर्चित सॉफ्टवेयर इंजीनियर अनुज नैन हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। इस मामले में मुख्य आरोपी आर्यन शर्मा की जमानत याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया है। यह फैसला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूनम राजपूत की अदालत द्वारा सुनाया गया।

यह मामला नवंबर 2025 का है, जब दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर गुफा मंदिर के पास अनुज नैन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी और पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की थी।

कैसे हुई सॉफ्टवेयर इंजीनियर अनुज नैन की हत्या?

मृतक अनुज नैन बागपत के नौरोजपुर गुर्जर गांव के रहने वाले थे और दिल्ली की एक निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे। 8 नवंबर 2025 को वह रोज की तरह ड्यूटी पर गए थे, लेकिन उस रात घर वापस नहीं लौटे।

अगले दिन गांव के कुछ लोगों ने सूचना दी कि गुफा मंदिर के पास एक युवक का शव मिला है। जब परिवार के लोग मौके पर पहुंचे तो उन्होंने अनुज की पहचान की। यह देख पूरा परिवार सदमे में आ गया।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि अनुज की कार, मोबाइल फोन और सोने की चेन समेत अन्य कीमती सामान मौके से गायब थे। इससे यह अंदाजा लगाया गया कि हत्या के पीछे लूटपाट भी एक बड़ा कारण हो सकता है।

इस घटना के बाद मृतक के पिता देवेंद्र नैन ने 9 नवंबर को कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस से आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की थी।

एक ही रात में चार घटनाएं, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

इस हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि उसी रात इलाके में तीन अन्य फायरिंग की घटनाएं भी हुई थीं। बुढ़ेड़ा गांव में एक अधिवक्ता के रिश्तेदार प्रवेश को गोली मारी गई थी, जबकि अग्रवाल मंडी टटीरी क्षेत्र में प्रशांत नामक युवक घायल हुआ था। इसके अलावा निवाड़ा-नौरोजपुर मार्ग पर शेखर शर्मा की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

इन सभी घटनाओं ने पुलिस के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी थी। जांच के बाद पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान आर्यन शर्मा और आदिल नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में इन आरोपियों ने चारों घटनाओं में अपनी संलिप्तता कबूल की, जिसके बाद पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा किया।

गिरफ्तारी के बाद से ही दोनों आरोपी जेल में बंद हैं। हाल ही में मुख्य आरोपी आर्यन शर्मा ने अदालत में जमानत याचिका दायर की थी, लेकिन अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसकी जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।

अदालत के इस फैसले से पीड़ित परिवार को कुछ हद तक न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। वहीं पुलिस का कहना है कि इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है और दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए पूरी तैयारी की जा रही है।

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