वाराणसी में घुड़दौड़ का रोमांच: हजारों दर्शकों के बीच ‘बाबू आरएन सिंह स्मृति प्रतियोगिता’ ने रचा इतिहास

वाराणसी, जिसे आध्यात्मिक नगरी के रूप में जाना जाता है, इस बार खेल और रोमांच के एक अनोखे आयोजन का गवाह बना। सोमवार को यहां पहली बार बड़े स्तर पर घुड़दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसने न सिर्फ दर्शकों को उत्साहित किया बल्कि शहर में एडवेंचर स्पोर्ट्स के प्रति नई रुचि भी जगाई। ‘बाबू आरएन सिंह स्मृति घुड़दौड़ प्रतियोगिता’ का आयोजन विकास इंटर कॉलेज द्वारा किया गया, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए।

इस प्रतियोगिता में छात्रों, खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। करीब 5000 से अधिक लोग इस आयोजन का हिस्सा बने, जिससे पूरा माहौल किसी मेले जैसा लग रहा था। जैसे ही घुड़सवार ट्रैक पर दौड़ते, दर्शकों की तालियों और उत्साह भरे नारों से पूरा मैदान गूंज उठता था।

मिनी स्टेडियम बना रेस कोर्स, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

परमानंदपुर स्थित मिनी स्टेडियम को इस प्रतियोगिता के लिए पूरी तरह से रेस कोर्स में बदल दिया गया था। घोड़ों की तेज रफ्तार को ध्यान में रखते हुए ट्रैक को समतल और सुरक्षित बनाया गया था, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।

दर्शकों की सुरक्षा के लिए मैदान के चारों ओर बैरिकेडिंग की गई थी, जिससे लोग सुरक्षित दूरी से इस रोमांचक खेल का आनंद ले सकें। आयोजन स्थल पर सुरक्षा और व्यवस्था का खास ध्यान रखा गया, जिससे कार्यक्रम बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

तीन चरणों में हुई प्रतियोगिता, फाइनल में दिखा जबरदस्त मुकाबला

घुड़दौड़ प्रतियोगिता को तीन चरणों में आयोजित किया गया था। पहले और दूसरे चरण में 5-5 घुड़सवारों ने हिस्सा लिया। इन दोनों राउंड में प्रत्येक प्रतिभागी को 5 लेप यानी चक्कर लगाने थे।

इन राउंड्स के बाद टॉप-2 घुड़सवारों को फाइनल के लिए चुना गया। तीसरे और अंतिम चरण में कुल 6 लेप की लंबी और चुनौतीपूर्ण दौड़ आयोजित की गई, जिसमें सभी फाइनलिस्ट ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। इस अंतिम मुकाबले ने दर्शकों के बीच रोमांच को चरम पर पहुंचा दिया।

‘शक्ति’ ने मारी बाजी, विजेताओं का शानदार प्रदर्शन

करीब चार किलोमीटर लंबी इस दौड़ में हरि नारायण के घोड़े ‘शक्ति’ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया। ‘शक्ति’ ने महज 2 मिनट 28 सेकंड में दौड़ पूरी कर सभी को हैरान कर दिया।

दूसरे स्थान पर गौरव यादव का घोड़ा ‘रॉकेट’ रहा, जिसने 3 मिनट 40 सेकंड का समय लिया। वहीं तीसरे स्थान पर सौरभ का घोड़ा ‘शेरू’ रहा, जिसने 4 मिनट में दौड़ पूरी की। खास बात यह रही कि दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाले घोड़े मारवाड़ी नस्ल के थे, जिन्होंने भी शानदार प्रदर्शन किया।

खेल जगत के कई गणमान्य लोग रहे मौजूद

इस प्रतियोगिता का शुभारंभ उत्तर प्रदेश एडवेंचर स्पोर्ट्स क्लब की अध्यक्ष डॉ. आशा सिंह ने हरी झंडी दिखाकर किया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. ए.के. सिंह रहे, जिन्होंने पूरे आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस अवसर पर जिला ओलंपिक संघ के सचिव डॉ. शम्स तबरेज शैंपू, कोषाध्यक्ष विजय कुमार और मंडलीय क्रीड़ा सचिव राजेश सिंह दोहरी सहित कई खेल प्रेमी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। उनकी उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया।

यह प्रतियोगिता न सिर्फ मनोरंजन का माध्यम बनी, बल्कि इसने वाराणसी में एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए एक नई दिशा भी तय की है। आने वाले समय में इस तरह के आयोजन और भी बड़े स्तर पर किए जा सकते हैं, जिससे युवा पीढ़ी को खेलों के प्रति प्रेरणा मिलेगी।

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