उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत कर दी है। नए सत्र के साथ ही स्कूलों में पढ़ाई, प्रवेश प्रक्रिया और अन्य जरूरी काम भी शुरू हो गए हैं। इस बार बोर्ड ने कुछ नए नियम लागू किए हैं, जिनका पालन सभी स्कूलों और छात्रों के लिए जरूरी होगा। कक्षा 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं 1 अप्रैल से नियमित रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।

ऑनलाइन उपस्थिति और पंजीकरण प्रक्रिया हुई अनिवार्य
इस बार UP Board ने शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए ऑनलाइन सिस्टम को बढ़ावा दिया है। अब सभी छात्रों, शिक्षकों और स्कूल स्टाफ की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। इसके लिए बोर्ड ने अपने आधिकारिक पोर्टल पर नई व्यवस्था लागू की है।
स्कूलों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे हर दिन छात्रों की उपस्थिति समय पर ऑनलाइन अपडेट करें। अगर कोई स्कूल इसमें लापरवाही करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके साथ ही नए सत्र में प्रवेश लेने वाले छात्रों का पंजीकरण भी तुरंत ऑनलाइन करना जरूरी होगा।
कक्षा 9वीं और 11वीं के छात्रों के लिए अग्रिम पंजीकरण की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी। वहीं, 10वीं और 12वीं के छात्रों के परीक्षा आवेदन से जुड़ी जानकारी अलग से जारी की जाएगी। इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और आसान बनेगी।
75% उपस्थिति जरूरी, किताबों को लेकर भी बोर्ड की सख्त सलाह
UP Board के सचिव भगवती सिंह ने साफ कहा है कि छात्रों को परीक्षा में बैठने के लिए कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य होगी। अगर किसी छात्र की उपस्थिति इससे कम होती है, तो उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिलेगी। इसलिए छात्रों को नियमित रूप से स्कूल आना होगा और पढ़ाई पर ध्यान देना होगा।
इसके अलावा बोर्ड ने छात्रों और अभिभावकों को एक जरूरी सलाह भी दी है। कई बार बाजार में महंगी और अनधिकृत किताबें बेची जाती हैं, जिससे छात्रों और उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ पड़ता है। बोर्ड ने कहा है कि केवल अधिकृत प्रकाशकों की किताबें ही खरीदें, जिनकी सूची और कीमतें आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
नए सत्र में इन नियमों के लागू होने से शिक्षा प्रणाली और मजबूत होगी और छात्रों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। UP Board का यह कदम डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने और पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है

