अल्मोड़ा जिले के कोसी क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां प्रशासन ने कोर्ट के आदेश के बाद अतिक्रमण हटाने की सख्त कार्रवाई की। यह कार्रवाई गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान की जमीन पर की गई, जहां लंबे समय से अस्थाई अतिक्रमण की समस्या बनी हुई थी।

प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराना और पर्यावरण से जुड़े महत्वपूर्ण संस्थान की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस क्षेत्र में धीरे-धीरे अतिक्रमण बढ़ रहा था, जिस पर अब प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है।
कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन हुआ सख्त, नोटिस के बावजूद नहीं हटाया गया अतिक्रमण
जानकारी के अनुसार, इस मामले में पहले ही कोर्ट द्वारा स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे कि संस्थान की जमीन पर हुए अतिक्रमण को हटाया जाए। इसके बाद प्रशासन ने अतिक्रमणकारियों को नोटिस भेजकर 28 मार्च तक खुद ही अतिक्रमण हटाने का समय दिया था।
लेकिन तय समय सीमा के भीतर जब अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की। इस दौरान सड़क किनारे किए गए अस्थाई निर्माण को हटाया गया।
तहसीलदार ज्योति नपलच्याल ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है और आगे भी ऐसे मामलों में सख्ती जारी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पर्यावरण संस्थान की जमीन पर मंडरा रहा था खतरा, आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान देश का एक महत्वपूर्ण शोध संस्थान है, जो पर्यावरण संरक्षण और शोध कार्यों के लिए जाना जाता है। ऐसे में इसकी जमीन पर अतिक्रमण होना एक गंभीर चिंता का विषय था।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि कुछ भू-माफिया इस जमीन पर नजर बनाए हुए थे और धीरे-धीरे कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन समय रहते कार्रवाई होने से इस पर रोक लगाई जा सकी।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह सिर्फ शुरुआत है और आगे भी जहां-जहां अतिक्रमण पाया जाएगा, वहां इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। इस कदम से स्थानीय लोगों में भी जागरूकता बढ़ेगी और सरकारी जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
इस पूरी कार्रवाई के बाद यह संदेश साफ है कि प्रशासन अब अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त हो गया है और भविष्य में ऐसे मामलों को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
