महोबा बांध में क्या हुआ उस दिन? नाव पलटते ही गायब हुआ युवक, 9 घंटे बाद भी नहीं मिला सुराग

महोबा नाव हादसा: तीन दोस्त डूबे, दो बचे, एक युवक लापता, गोताखोरों की तलाश जारी

बांध में मस्ती अचानक बनी हादसा

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक छोटी सी मस्ती बड़ा हादसा बन गई। कुलपहाड़ तहसील के कमालपुरा बांध में शुक्रवार को तीन दोस्त नहाने के लिए गए थे, लेकिन किसी ने सोचा भी नहीं था कि यह दिन उनकी जिंदगी बदल देगा।

जानकारी के अनुसार, कमालपुरा गांव के रहने वाले मोनू अहिरवार (26), आकाश अहिरवार (29) और बंटी अहिरवार (30) सुबह करीब 11 बजे घर से बांध की ओर निकले थे। नहाने के दौरान उन्हें किनारे एक नाव दिखाई दी। मस्ती के मूड में तीनों दोस्त उस नाव में बैठकर बांध के बीच पानी में घूमने लगे।

शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन अचानक नाव का संतुलन बिगड़ गया और कुछ ही सेकंड में नाव पलट गई। नाव पलटते ही तीनों दोस्त गहरे पानी में गिर गए और खुद को संभाल नहीं पाए।

दो दोस्त बच निकले, तीसरा अब तक लापता

नाव पलटने के बाद मोनू और आकाश ने किसी तरह हिम्मत दिखाई और तैरकर किनारे तक पहुंच गए। लेकिन बंटी अहिरवार को तैरना नहीं आता था, जिसके कारण वह पानी में ही डूब गया।

दोनों दोस्तों ने बाहर निकलते ही शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोगों को घटना की जानकारी मिली। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण बांध के किनारे इकट्ठा हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची। कोतवाली प्रभारी और अन्य पुलिस अधिकारियों ने तुरंत स्थानीय गोताखोरों को बुलाया और युवक की तलाश शुरू कराई।

गोताखोरों ने घंटों तक पानी में खोजबीन की, लेकिन करीब 9 घंटे बाद भी बंटी का कोई सुराग नहीं लग पाया। अंधेरा होने के बाद भी तलाश जारी रही, जिससे परिवार और ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

इस घटना के बाद बंटी अहिरवार के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बंटी अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था और दिल्ली में मजदूरी करके अपने घर का खर्च चलाता था।

बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले ही वह फसल कटाई के लिए अपने गांव लौटा था। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। एक छोटी सी गलती ने उसकी जिंदगी को खतरे में डाल दिया।

बांध के किनारे बैठी उसकी मां और परिवार की महिलाएं लगातार उसकी सलामती की दुआ कर रही हैं। हर गुजरते घंटे के साथ उनकी उम्मीदें कमजोर होती जा रही हैं, लेकिन फिर भी वे चमत्कार की आस लगाए बैठी हैं।

यह घटना एक बड़ा सबक भी देती है कि पानी के पास लापरवाही कितनी खतरनाक हो सकती है। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि बिना सुरक्षा के किसी भी जलाशय में नाव या गहरे पानी में जाने से बचें।

फिलहाल गोताखोरों की टीम लगातार बंटी की तलाश में जुटी हुई है और सभी को उम्मीद है कि जल्द ही कोई न कोई सुराग जरूर मिलेगा।

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