असम में सीएम योगी का बड़ा बयान: घुसपैठ और दंगों पर कांग्रेस पर साधा निशाना, भाजपा को बताया सुरक्षा और विकास की गारंटी

असम में चुनावी माहौल के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस और यूडीएफ पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों के समय घुसपैठ और दंगों की समस्या गंभीर थी, लेकिन अब भाजपा सरकार इन समस्याओं पर सख्ती से काम कर रही है।

बरछला विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में आयोजित इस रैली में उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नीतियों के कारण असम के लोगों के अधिकारों पर असर पड़ा। योगी ने यह भी कहा कि अब सरकार हर नागरिक को उसका हक दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और घुसपैठ जैसी समस्याओं को खत्म करने की दिशा में काम कर रही है।

घुसपैठ, पहचान और विकास पर जोर

सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में असम की पहचान और संस्कृति को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों की नीतियों के कारण असम की “जाति, माटी और बेटी” के सामने पहचान का संकट खड़ा हो गया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि तुष्टिकरण की राजनीति के कारण असम के मूल निवासियों के अधिकारों को नुकसान पहुंचा। योगी ने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद असम में विकास के नए रास्ते खुले हैं।

उन्होंने बताया कि राज्य में अब सिर्फ चाय उद्योग ही नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी और चिप निर्माण जैसे नए क्षेत्रों में भी काम हो रहा है। साथ ही केंद्र सरकार की योजनाओं जैसे उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी लोगों तक पहुंच रहा है।

योगी ने यह भी कहा कि डबल इंजन सरकार के चलते असम में बुनियादी सुविधाओं में सुधार हुआ है और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़े हैं।

सुरक्षा, शांति और जनता का समर्थन

अपने भाषण में योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले वहां अक्सर दंगे और कर्फ्यू लगते थे, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में स्थिति पूरी तरह बदल गई है। उन्होंने दावा किया कि अब प्रदेश में शांति और कानून व्यवस्था मजबूत हुई है।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार कानून व्यवस्था को लेकर सख्त है और समाज में शांति बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

जनसभा में लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। खासतौर पर युवाओं में उत्साह नजर आया, जो मुख्यमंत्री की एक झलक पाने के लिए पेड़ों और वाहनों पर चढ़ गए। सभा के दौरान “बुलडोजर बाबा” के नारे भी सुनाई दिए।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री को असम की पारंपरिक टोपी और ढोल भेंट किया गया, जिसे उन्होंने पहनकर लोगों का अभिवादन किया।

कुल मिलाकर, यह जनसभा असम के चुनावी माहौल में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश लेकर आई, जहां विकास, सुरक्षा और पहचान जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *